रामायण, महाभारत, गीता, वेद तथा पुराण की कथाएं

रामाज्ञा प्रश्न / चतुर्थ सर्ग / सप्तक 1 / श्लोक 5

रामाज्ञा प्रश्न चतुर्थ सर्ग सप्तक 1 श्लोक 5 — दशरथजी द्वारा गुरु के आशीर्वाद को श्रेय; शिव-पार्वती कृपा से मनोकामना पूर्ति का उत्तम शकुन।

5

तुलसीदास जी ने ॥रामाज्ञा प्रश्न॥ की रचना उनके लिए की जो किसी निर्णय पर पहुँचने से पहले प्रभु का संकेत जान लेना चाहते हैं। यह पहले सप्तक का पाँचवाँ दोहा है। चतुर्थ सर्ग श्रीराम-जन्म से लेकर चारों भाइयों के विवाह तक के मंगलमय प्रसंगों का सर्ग है।

गुरु के आशीर्वाद की महिमा — यह प्रश्न-फल उत्तम है।

मूल दोहा: सपन सगुन सुनि राउ कह कुलगुरु आसिरबाद। पूजिहि सब मन कामना, संकर गौरि प्रसाद॥५॥

शब्दार्थ:

  • सपन सगुन = स्वप्न और शकुन
  • सुनि = सुनकर
  • राउ कह = महाराज कहते हैं
  • कुलगुरु = कुलगुरु वसिष्ठजी
  • आसिरबाद = आशीर्वाद
  • पूजिहि = पूर्ण होगी
  • मन कामना = मन की अभिलाषा
  • संकर गौरि प्रसाद = शंकरजी और पार्वतीजी की कृपा

कुलगुरु आसिरबाद = यह सब कुलगुरु का आशीर्वाद है। पूजिहि सब मन कामना = मन की सब अभिलाषा पूर्ण होगी।

भावार्थ / व्याख्या:

रानियों का स्वप्न तथा शकुन सुनकर महाराज दशरथजी कहते हैं कि यह सब कुलगुरु वसिष्ठजी का आशीर्वाद है। श्रीशंकरजी तथा पार्वतीजी की कृपा से मन की सब अभिलाषा पूर्ण होगी।

इस दोहे में महाराज दशरथ का विनम्र स्वभाव झलकता है। वे श्रेय स्वयं नहीं लेते — गुरु के आशीर्वाद और शिव-पार्वती की कृपा को देते हैं।

तुलसीदास जी इस प्रश्न-फल को ‘उत्तम’ कहते हैं। शकुन की दृष्टि से यह दोहा मनोकामना-पूर्ति का स्पष्ट संकेत देता है और विशेषकर उन प्रश्नों में शुभ है जहाँ गुरु का आशीर्वाद या शिव-पार्वती की उपासना विषय हो।

शकुन फल:

यह प्रश्न-फल उत्तम है और मनोकामना-पूर्ति का सूचक है। निम्नलिखित प्रश्नों में:

  • कोई भी मन की अभिलाषा या मनोकामना
  • गुरु या बड़ों का आशीर्वाद प्राप्त करना
  • शिव-पार्वती की उपासना, व्रत या मन्नत
  • विवाह और दांपत्य जीवन से जुड़ा प्रश्न
  • संतान या पारिवारिक सुख की कामना

इस दोहे के आने पर प्रश्न-फल उत्तम है — मन की सब अभिलाषा पूर्ण होगी। गुरु और बड़ों का आशीर्वाद अवश्य लें, वही आपकी सबसे बड़ी पूँजी है।

आस्था और भक्ति के हमारे मिशन का समर्थन करें

हर सहयोग, चाहे बड़ा हो या छोटा, फर्क डालता है! आपका सहयोग हमें इस मंच को बनाए रखने और पौराणिक कहानियों को अधिक लोगो तक फैलाने में मदद करता है।

सहयोग करें

टिप्पणियाँ बंद हैं।