रामायण, महाभारत, गीता, वेद तथा पुराण की कथाएं

रामाज्ञा प्रश्न / चतुर्थ सर्ग / सप्तक 4 / श्लोक 7

रामाज्ञा प्रश्न चतुर्थ सर्ग सप्तक 4 श्लोक 7 — तुलसीदास के मन-मानसरोवर में चारों भाई मंगलमय हंसों समान; उत्तम प्रश्न-फल।

5

॥रामाज्ञा प्रश्न॥ पढ़ते समय दोहे का अर्थ और उसका शकुन-फल — दोनों को साथ रखकर विचार करना उचित माना गया है। यह दोहा चतुर्थ सर्ग के चौथे सप्तक में क्रम से सातवाँ है — यहाँ गुरु का आशीर्वाद और कुल की वृद्धि प्रमुख भाव हैं।

सप्तक का समापन — मन-मानसरोवर में मंगलमय हंस, प्रश्न-फल उत्तम।

मूल दोहा: बालक कोसलपाल के सेवक पाल कृपाल। तुलसी मन मानस बसत मंगल मंजु मराल॥७॥

शब्दार्थ:

  • बालक = कुमार, पुत्र
  • कोसलपाल = कोसलनरेश (दशरथजी)
  • सेवक पाल = सेवकों का पालन करने वाले
  • कृपाल = कृपालु
  • मन मानस = मन रूपी मानसरोवर
  • बसत = निवास करते हैं
  • मंजु मराल = सुंदर हंस

सेवक पाल कृपाल = कृपालु और सेवकों का पालन करने वाले। मंगल मंजु मराल = मंगलमय सुंदर हंसों के समान निवास करते हैं।

भावार्थ / व्याख्या:

कोसलनरेश महाराज दशरथ के कृपालु पुत्र सेवकों का पालन करने वाले हैं। तुलसीदास जी कहते हैं कि उनके मन रूपी मानसरोवर में वे मंगलमय सुंदर हंसों के समान निवास करते हैं।

हंस का रूपक अत्यंत सुंदर है। हंस मानसरोवर में ही रहता है और उसकी विशेषता है नीर-क्षीर विवेक — दूध और पानी को अलग कर देना।

अर्थात् जिसके मन में चारों भाई बसते हैं, उसमें सत्य और असत्य को पहचानने का विवेक स्वयं आ जाता है। तुलसीदास जी इस प्रश्न-फल को ‘उत्तम’ कहते हैं। शकुन की दृष्टि से यह दोहा विवेक, स्पष्टता और मन की निर्मलता का सूचक है।

शकुन फल:

यह प्रश्न-फल उत्तम है और विवेक-स्पष्टता का सूचक है। निम्नलिखित प्रश्नों में:

  • किसी दुविधा में सही-गलत की पहचान
  • मन की शांति और निर्मलता
  • सेवकों, अधीनस्थों या आश्रितों का पालन
  • निर्णय लेने में स्पष्टता की आवश्यकता
  • भक्ति और मानसिक स्थिरता से जुड़ा प्रश्न

इस दोहे के आने पर प्रश्न-फल उत्तम है। मन में स्पष्टता आएगी और सही-गलत की पहचान होगी। जो निर्णय लेंगे वह विवेकपूर्ण होगा।

आस्था और भक्ति के हमारे मिशन का समर्थन करें

हर सहयोग, चाहे बड़ा हो या छोटा, फर्क डालता है! आपका सहयोग हमें इस मंच को बनाए रखने और पौराणिक कहानियों को अधिक लोगो तक फैलाने में मदद करता है।

सहयोग करें

टिप्पणियाँ बंद हैं।