रामायण, महाभारत, गीता, वेद तथा पुराण की कथाएं

रामाज्ञा प्रश्न / द्वितीय सर्ग / सप्तक 5 / श्लोक 4

रामाज्ञा प्रश्न द्वितीय सर्ग सप्तक 5 श्लोक 4 — राम-दर्शन का हर्ष, पिता-मरण का शोक और राम-भरत संवाद पर समाज की चिंता; असफलता सूचक शकुन।

4

इस ग्रंथ की विशेषता यह है कि प्रत्येक दोहा रामकथा का एक प्रसंग भी है और प्रश्न का फल भी। द्वितीय सर्ग के पाँचवें सप्तक का चौथा दोहा प्रस्तुत है, जिसमें अयोध्या से चित्रकूट तक की यात्रा के संकेत छिपे हैं।

राम-भरत संवाद और समाज की चिंता — यह फल असफलता और दुःख सूचक है।

मूल दोहा: राम दरस हियँ हरषु बड़ भूपति मरन बिषादु। सोचत सकल समान सुनि राम भरत संबादु॥४॥

शब्दार्थ:

  • राम दरस = श्रीराम का दर्शन
  • हियँ = हृदय में
  • हरषु बड़ = बड़ी प्रसन्नता
  • भूपति मरन = राजा की मृत्यु
  • बिषादु = दुःख
  • सोचत = चिंता करते हैं
  • सकल समान = समस्त समाज
  • संबादु = वार्तालाप

राम दरस हियँ हरषु बड़ = श्रीराम के दर्शन से हृदय में बड़ी प्रसन्नता है। सोचत सकल समाज = समस्त समाज चिंता करने लगा।

भावार्थ / व्याख्या:

श्रीराम के दर्शन से सबके हृदय में बड़ी प्रसन्नता है, साथ ही महाराज दशरथ की मृत्यु का दुःख भी है। अब श्रीराम तथा भरतजी का परस्पर वार्तालाप सुनकर समस्त समाज चिंता करने लगा है।

समाज की चिंता का कारण स्पष्ट था — भरतजी श्रीराम को लौटाने आए थे, पर श्रीराम पिता के वचन के कारण लौटने को तैयार नहीं थे। दोनों अपनी-अपनी जगह सही थे, और इसीलिए समाधान कठिन था।

शकुन की दृष्टि से यह दोहा असफलता और दुःख का सूचक है। यह उन प्रश्नों में चेतावनी देता है जहाँ किसी को मनाने या किसी निर्णय को बदलवाने का प्रयास किया जा रहा हो। ऐसा प्रयास इस समय सफल होने की संभावना कम है।

शकुन फल:

यह शकुन असफलता और दुःख का सूचक है। निम्नलिखित प्रश्नों में:

  • किसी को मनाने या निर्णय बदलवाने का प्रयास
  • बातचीत या समझौते का प्रयास
  • दो पक्षों के बीच मध्यस्थता
  • ऐसी स्थिति जहाँ दोनों पक्ष अपनी जगह सही हों
  • मिश्रित भावनाओं वाली परिस्थिति

इस दोहे के आने पर प्रश्न-फल असफलता और दुःख सूचक है। मनाने का प्रयास सफल नहीं होगा। सम्मानपूर्वक स्थिति स्वीकार करें और समय पर छोड़ दें।

आस्था और भक्ति के हमारे मिशन का समर्थन करें

हर सहयोग, चाहे बड़ा हो या छोटा, फर्क डालता है! आपका सहयोग हमें इस मंच को बनाए रखने और पौराणिक कहानियों को अधिक लोगो तक फैलाने में मदद करता है।

सहयोग करें

टिप्पणियाँ बंद हैं।