रामाज्ञा प्रश्न / द्वितीय सर्ग / सप्तक 6 / श्लोक 1
रामाज्ञा प्रश्न द्वितीय सर्ग सप्तक 6 श्लोक 1 — चित्रकूट भोगी के लिए नीरस, विरागी के लिए मधुर; भजन-पूजन में सफलता, सांसारिक कामना में नहीं।
इस ग्रंथ में उत्तर सीधा नहीं, प्रसंग के माध्यम से मिलता है — जो प्रसंग सामने आए, उसी का भाव प्रश्न का फल बन जाता है। इस छठे सप्तक के पहला दोहे में द्वितीय सर्ग का वही भाव है जहाँ परिस्थिति बदलती है और शकुन भी उसी के अनुसार फल देता है।
चित्रकूट की महिमा — भोगी के लिए नीरस, विरागी के लिए मधुर।
मूल दोहा: पय पावनि, बन भुमि भलि सैल सुहावन पीठ। रागिहि सीठ बिसोषि थलु बिषय बिरागिहि मीठ॥१॥
शब्दार्थ:
- पय पावनि = पवित्र पयस्विनी नदी
- बन भुमि भलि = उत्तम वन-भूमि
- सैल = पर्वत
- पीठ = देवस्थान, सिद्धपीठ
- रागिहि = विषयासक्त व्यक्ति को
- सीठ = नीरस, फीका
- बिरागिहि = विरक्त व्यक्ति को
- मीठ = मधुर, प्रिय
रागिहि सीठ = भोगासक्त के लिए नीरस है। बिषय बिरागिहि मीठ = विषयों से विरक्त के लिए मधुर है।
भावार्थ / व्याख्या:
पयस्विनी नदी पवित्र है, वन-भूमि उत्तम है, चित्रकूट पर्वत सुहावना तथा देवस्थान स्वरूप है।
परंतु तुलसीदास जी एक महत्वपूर्ण भेद बताते हैं — यह स्थल संसार के भोगों में आसक्त लोगों के लिए अत्यंत नीरस है, जबकि विषयों से विरक्त लोगों के लिए अत्यंत मधुर और प्रिय है।
शकुन की दृष्टि से यह दोहा एक शर्त के साथ फल देता है। यदि प्रश्न सांसारिक कामना, भोग या धन-संपत्ति से जुड़ा है तो असफलता मिलेगी। परंतु यदि प्रश्न भजन, पूजन, साधना या आध्यात्मिक उन्नति से जुड़ा है तो पूर्ण सफलता मिलेगी। अर्थात् फल आपके प्रश्न की प्रकृति पर निर्भर है।
शकुन फल:
इस शकुन का फल प्रश्न की प्रकृति पर निर्भर है — भजन-पूजन में सफलता, सांसारिक कामना में नहीं:
- भजन, पूजन या साधना संबंधी प्रश्न — सफलता
- तीर्थ, आश्रम या एकांतवास — सफलता
- विरक्ति, संयम या त्याग का निर्णय — सफलता
- धन, भोग या सांसारिक कामना — असफलता
- विलासिता या भौतिक सुख से जुड़ा प्रश्न — असफलता
इस दोहे के आने पर यदि आपका प्रश्न सांसारिक कामना का है तो असफलता मिलेगी, और यदि भजन-पूजन संबंधी है तो पूर्ण सफलता। अपनी अपेक्षा की दिशा बदलने पर विचार करें।
आस्था और भक्ति के हमारे मिशन का समर्थन करेंहर सहयोग, चाहे बड़ा हो या छोटा, फर्क डालता है! आपका सहयोग हमें इस मंच को बनाए रखने और पौराणिक कहानियों को अधिक लोगो तक फैलाने में मदद करता है। सहयोग करें |
टिप्पणियाँ बंद हैं।