कवि वंदना Mar 4, 2021 2,805 0 चरन कमल बंदउँ तिन्ह केरे। पुरवहुँ सकल मनोरथ मेरे॥ कलि के कबिन्ह करउँ परनामा। जिन्ह बरने रघुपति गुन ग्रामा॥2॥ मैं…
तुलसीदासजी की दीनता और राम भक्तिमयी कविता की महिमा Mar 3, 2021 7,285 0 जानि कृपाकर किंकर मोहू। सब मिलि करहु छाड़ि छल छोहू॥ निज बुधि बल भरोस मोहि नाहीं। तातें बिनय करउँ सब पाहीं॥2॥…
रामरूप से जीवमात्र की वंदना Mar 3, 2021 4,883 0 जड़ चेतन जग जीव जत सकल राममय जानि। बंदउँ सब के पद कमल सदा जोरि जुग पानि॥7(ग)॥ जगत में जितने जड़ और चेतन जीव…
संत-असंत वंदना Mar 3, 2021 4,240 0 बंदउँ संत असज्जन चरना। दुःखप्रद उभय बीच कछु बरना॥ बिछुरत एक प्रान हरि लेहीं। मिलत एक दुख दारुन देहीं॥2॥ अब मैं…
खल वंदना Mar 3, 2021 4,140 0 चौपाई : बहुरि बंदि खल गन सतिभाएँ। जे बिनु काज दाहिनेहु बाएँ॥ पर हित हानि लाभ जिन्ह केरें। उजरें हरष बिषाद…
ब्राह्मण-संत वंदना Feb 17, 2021 5,854 0 बंदउँ प्रथम महीसुर चरना। मोह जनित संसय सब हरना॥ सुजन समाज सकल गुन खानी। करउँ प्रनाम सप्रेम सुबानी॥2॥ पहले पृथ्वी…
गुरु वंदना Feb 17, 2021 7,396 0 गुरु वंदना बंदउँ गुरु पद कंज कृपा सिंधु नररूप हरि। महामोह तम पुंज जासु बचन रबि कर निकर॥5॥ मैं उन गुरु महाराज के…
मंगलाचरण Feb 17, 2021 63,867 0 श्लोक: वर्णानामर्थसंघानां रसानां छन्दसामपि। मंगलानां च कर्त्तारौ वन्दे वाणीविनायकौ॥1॥ अक्षरों, अर्थ समूहों,…
बालकाण्ड Feb 16, 2021 103,087 0 बालकाण्ड वाल्मीकि कृत रामायण और गोस्वामी तुलसीदास कृत श्री राम चरित मानस का प्रथम भाग (काण्ड या सोपान) है। …