शिवजी द्वारा सती का त्याग, शिवजी की समाधि Apr 9, 2021 4,537 0 परम पुनीत न जाइ तजि किएँ प्रेम बड़ पापु। प्रगटि न कहत महेसु कछु हृदयँ अधिक संतापु॥56॥ सती परम पवित्र हैं, इसलिए…
सती का भ्रम, श्री रामजी का ऐश्वर्य और सती का खेद Apr 9, 2021 5,631 0 रामकथा ससि किरन समाना। संत चकोर करहिं जेहि पाना॥ ऐसेइ संसय कीन्ह भवानी। महादेव तब कहा बखानी॥4॥ श्री रामजी की…
नारद का अभिमान और माया का प्रभाव Mar 9, 2021 4,133 0 दोहा : संभु दीन्ह उपदेस हित नहिं नारदहि सोहान। भरद्वाज कौतुक सुनहु हरि इच्छा बलवान॥127॥ यद्यपि शिवजी ने यह…
याज्ञवल्क्य-भरद्वाज संवाद तथा प्रयाग माहात्म्य Mar 7, 2021 5,158 0 अब रघुपति पद पंकरुह हियँ धरि पाइ प्रसाद। कहउँ जुगल मुनिबर्य कर मिलन सुभग संबाद ॥43 ख॥ मैं अब श्री रघुनाथजी के…
मानस का रूपक और माहात्म्य Mar 7, 2021 4,271 0 दोहा : जस मानस जेहि बिधि भयउ जग प्रचार जेहि हेतु। अब सोइ कहउँ प्रसंग सब सुमिरि उमा बृषकेतु॥35॥ यह रामचरित…
मानस निर्माण की तिथि Mar 7, 2021 3,402 0 सादर सिवहि नाइ अब माथा। बरनउँ बिसद राम गुन गाथा॥ संबत सोरह सै एकतीसा। करउँ कथा हरि पद धरि सीसा॥2॥ अब मैं…
श्री रामगुण और श्री रामचरित् की महिमा Mar 7, 2021 5,879 0 मोरि सुधारिहि सो सब भाँती। जासु कृपा नहिं कृपाँ अघाती॥ राम सुस्वामि कुसेवकु मोसो। निज दिसि देखि दयानिधि पोसो॥2॥…
श्री नाम वंदना और नाम महिमा Mar 7, 2021 5,216 0 चौपाई : बंदउँ नाम राम रघुबर को। हेतु कृसानु भानु हिमकर को॥ बिधि हरि हरमय बेद प्रान सो। अगुन अनूपम गुन निधान सो॥1॥…
श्री सीताराम-धाम-परिकर वंदना Mar 4, 2021 4,291 0 चौपाई : बंदउँ अवध पुरी अति पावनि। सरजू सरि कलि कलुष नसावनि॥ प्रनवउँ पुर नर नारि बहोरी। ममता जिन्ह पर प्रभुहि न…
वाल्मीकि, वेद, ब्रह्मा, देवता, शिव, पार्वती आदि की वंदना Mar 4, 2021 5,163 0 सोरठा : बंदउँ मुनि पद कंजु रामायन जेहिं निरमयउ। सखर सुकोमल मंजु दोष रहित दूषन सहित॥14 घ॥ मैं उन वाल्मीकि मुनि…