रामायण, महाभारत, गीता, वेद तथा पुराण की कथाएं
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Bal Kand

शिवजी का विवाह

दोहा : मुनि अनुसासन गनपतिहि पूजेउ संभु भवानि। कोउ सुनि संसय करै जनि सुर अनादि जियँ जानि॥100॥ मुनियों की आज्ञा…

रति को वरदान

दोहा : अब तें रति तव नाथ कर होइहि नामु अनंगु। बिनु बपु ब्यापिहि सबहि पुनि सुनु निज मिलन प्रसंगु॥87॥ हे रति!…

पार्वती का जन्म और तपस्या

सतीं मरत हरि सन बरु मागा। जनम जनम सिव पद अनुरागा॥ तेहि कारन हिमगिरि गृह जाई। जनमीं पारबती तनु पाई॥3॥ सती ने…

सती का दक्ष यज्ञ में जाना

दोहा : दच्छ लिए मुनि बोलि सब करन लगे बड़ जाग। नेवते सादर सकल सुर जे पावत मख भाग॥60॥ दक्ष ने सब मुनियों को…