रामायण, महाभारत, गीता, वेद तथा पुराण की कथाएं
ब्राउजिंग टैग

Bal Kand

भगवान्‌ का वरदान

दोहा : जानि सभय सुर भूमि सुनि बचन समेत सनेह। गगनगिरा गंभीर भइ हरनि सोक संदेह॥186॥ देवताओं और पृथ्वी को भयभीत…

प्रतापभानु की कथा

चौपाई :: सुनु मुनि कथा पुनीत पुरानी। जो गिरिजा प्रति संभु बखानी॥ बिस्व बिदित एक कैकय देसू। सत्यकेतु तहँ बसइ…

मनु-शतरूपा तप एवं वरदान

दोहा : सो मैं तुम्ह सन कहउँ सबु सुनु मुनीस मन लाइ। रामकथा कलि मल हरनि मंगल करनि सुहाइ॥141॥ हे मुनीश्वर…

अवतार के हेतु

सोरठा : सुनु सुभ कथा भवानि रामचरितमानस बिमल। कहा भुसुंडि बखानि सुना बिहग नायक गरुड़॥120 ख॥ हे पार्वती! निर्मल…

शिव-पार्वती संवाद

दोहा : जटा मुकुट सुरसरित सिर लोचन नलिन बिसाल। नीलकंठ लावन्यनिधि सोह बालबिधु भाल॥106॥ उनके सिर पर जटाओं का…