तापस प्रकरण Apr 18, 2021 2,011 0 तेहि अवसर एक तापसु आवा। तेजपुंज लघुबयस सुहावा॥ कबि अलखित गति बेषु बिरागी। मन क्रम बचन राम अनुरागी॥4॥ उसी अवसर…
प्रयाग पहुँचना, भरद्वाज संवाद, यमुनातीर निवासियों का प्रेम Apr 18, 2021 2,384 0 दोहा : तब गनपति सिव सुमिरि प्रभु नाइ सुरसरिहि माथ। सखा अनुज सिय सहित बन गवनु कीन्ह रघुनाथ॥104॥ तब प्रभु श्री…
केवट का प्रेम और गंगा पार जाना Apr 18, 2021 2,757 0 चौपाई : जासु बियोग बिकल पसु ऐसें। प्रजा मातु पितु जिइहहिं कैसें॥ बरबस राम सुमंत्रु पठाए। सुरसरि तीर आपु तब आए॥1॥…
लक्ष्मण-निषाद संवाद, श्री राम-सीता से सुमन्त्र का संवाद, सुमंत्र का लौटना Apr 18, 2021 2,254 0 बोले लखन मधुर मृदु बानी। ग्यान बिराग भगति रस सानी॥ काहु न कोउ सुख दुख कर दाता। निज कृत करम भोग सबु भ्राता॥2॥ तब…
श्री राम का श्रृंगवेरपुर पहुँचना, निषाद के द्वारा सेवा Apr 18, 2021 2,238 0 दोहा : सुद्ध सच्चिदानंदमय कंद भानुकुल केतु। चरितकरत नर अनुहरत संसृति सागर सेतु॥87॥ शुद्ध (प्रकृतिजन्य…
श्री राम-सीता-लक्ष्मण का वन गमन और नगर निवासियों को सोए छोड़कर आगे बढ़ना Apr 18, 2021 2,558 0 दोहा : सजि बन साजु समाजु सबु बनिता बंधु समेत। बंदि बिप्र गुर चरन प्रभु चले करि सबहि अचेत॥79॥ वन का सब…
श्री रामजी, लक्ष्मणजी, सीताजी का महाराज दशरथ के पास विदा माँगने जाना, दशरथजी का… Apr 18, 2021 2,644 0 सचिवँ उठाइ राउ बैठारे। कहि प्रिय बचन रामु पगु धारे॥ सिय समेत दोउ तनय निहारी। ब्याकुल भयउ भूमिपति भारी॥4॥ 'श्री…
श्री लक्ष्मण-सुमित्रा संवाद Apr 18, 2021 2,025 0 हरषित हृदयँ मातु पहिं आए। मनहुँ अंध फिरि लोचन पाए॥ जाइ जननि पग नायउ माथा। मनु रघुनंदन जानकि साथा॥2॥ वे हर्षित…
श्री राम-लक्ष्मण संवाद Apr 18, 2021 1,745 0 चौपाई : समाचार जब लछिमन पाए। ब्याकुल बिलख बदन उठि धाए॥ कंप पुलक तन नयन सनीरा। गहे चरन अति प्रेम अधीरा॥1॥ जब…
श्री राम-कौसल्या-सीता संवाद Apr 18, 2021 1,761 0 कहि प्रिय बचन प्रिया समुझाई। लगे मातु पद आसिष पाई॥ बेगि प्रजा दुख मेटब आई। जननी निठुर बिसरि जनि जाई॥3॥ श्री…