अयोध्यावासियों सहित श्री भरत-शत्रुघ्न आदि का वनगमन Apr 18, 2021 1,777 0 दोहा : जरउ सो संपति सदन सुखु सुहृद मातु पितु भाइ। सनमुख होत जो राम पद करै न सहस सहाइ॥185॥ वह सम्पत्ति, घर,…
वशिष्ठ-भरत संवाद, श्री रामजी को लाने के लिए चित्रकूट जाने की तैयारी Apr 18, 2021 2,704 0 दोहा : तात हृदयँ धीरजु धरहु करहु जो अवसर आजु। उठे भरत गुर बचन सुनि करन कहेउ सबु साजु॥169॥ (वशिष्ठजी ने…
भरत-कौसल्या संवाद और दशरथजी की अन्त्येष्टि क्रिया Apr 18, 2021 1,627 0 दोहा : मलिन बसन बिबरन बिकल कृस शरीर दुख भार। कनक कलप बर बेलि बन मानहुँ हनी तुसार॥163॥ कौसल्याजी मैले वस्त्र…
श्री भरत-शत्रुघ्न का आगमन और शोक Apr 18, 2021 1,528 0 हाट बाट नहिं जाइ निहारी। जनु पुर दहँ दिसि लागि दवारी॥ आवत सुत सुनि कैकयनंदिनि। हरषी रबिकुल जलरुह चंदिनि॥1॥…
मुनि वशिष्ठ का भरतजी को बुलाने के लिए दूत भेजना Apr 18, 2021 1,783 0 दोहा : तब बसिष्ठ मुनि समय सम कहि अनेक इतिहास। सोक नेवारेउ सबहि कर निज बिग्यान प्रकास॥156॥ तब वशिष्ठ मुनि ने…
दशरथ-सुमन्त्र संवाद, दशरथ मरण Apr 18, 2021 1,613 0 दोहा : देखि सचिवँ जय जीव कहि कीन्हेउ दंड प्रनामु। सुनत उठेउ ब्याकुल नृपति कहु सुमंत्र कहँ रामु॥148॥ मंत्री ने…
सुमन्त्र का अयोध्या को लौटना और सर्वत्र शोक देखना Apr 18, 2021 1,668 0 दोहा : भयउ निषादु बिषादबस देखत सचिव तुरंग। बोलि सुसेवक चारि तब दिए सारथी संग॥143॥ मंत्री और घोड़ों की यह दशा…
चित्रकूट में निवास, कोल-भीलों के द्वारा सेवा Apr 18, 2021 2,268 0 दोहा : चित्रकूट महिमा अमित कही महामुनि गाइ। आइ नहाए सरित बर सिय समेत दोउ भाइ॥132॥ महामुनि वाल्मीकिजी ने…
श्री राम-वाल्मीकि संवाद Apr 18, 2021 2,003 0 देखत बन सर सैल सुहाए। बालमीकि आश्रम प्रभु आए॥ राम दीख मुनि बासु सुहावन। सुंदर गिरि काननु जलु पावन॥3॥ सुंदर वन,…
यमुना को प्रणाम, वनवासियों का प्रेम Apr 18, 2021 2,016 0 दोहा : तब रघुबीर अनेक बिधि सखहि सिखावनु दीन्ह।। राम रजायसु सीस धरि भवन गवनु तेइँ कीन्ह॥111॥ तब श्री…