रामायण, महाभारत, गीता, वेद तथा पुराण की कथाएं
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॥ श्री रामचरितमानस ॥

इस खंड में सम्पूर्ण रामचरित मानस का संकलन किया गया है। यदि आप प्रतिदिन इस खंड के एक – एक लेख को भी पढ़ते जाएंगे एवं साथ में इसके वीडियो को देखेंगे तो कुछ ही समय में आप सम्पूर्ण राम चरित मानस का पठान श्रवण कर लेंगे।

अत्रि मिलन एवं स्तुति

सकल मुनिन्ह सन बिदा कराई। सीता सहित चले द्वौ भाई॥ अत्रि के आश्रम जब प्रभु गयऊ। सुनत महामुनि हरषित भयऊ॥2॥…

मंगलाचरण

तृतीय सोपान-मंगलाचरण श्लोक : मूलं धर्मतरोर्विवेकजलधेः पूर्णेन्दुमानन्ददं वैराग्याम्बुजभास्करं ह्यघघनध्वान्तापहं…

भरतजी का अयोध्या लौटना, भरतजी द्वारा पादुका की स्थापना, नन्दिग्राम में निवास और…

दोहा : सानुज सीय समेत प्रभु राजत परन कुटीर। भगति ग्यानु बैराग्य जनु सोहत धरें सरीर॥321॥ छोटे भाई लक्ष्मणजी…

श्री राम-भरत संवाद

दोहा : राम सपथ सुनि मुनि जनकु सकुचे सभा समेत। सकल बिलोकत भरत मुखु बनइ न ऊतरु देत॥296॥ श्री रामचन्द्रजी की…

श्री राम-भरतादि का संवाद

दोहा : भरत बिनय सादर सुनिअ करिअ बिचारु बहोरि। करब साधुमत लोकमत नृपनय निगम निचोरि॥258॥ पहले भरत की विनती…

श्री वशिष्ठजी का भाषण

दोहा : गुर पद कमल प्रनामु करि बैठे आयसु पाइ। बिप्र महाजन सचिव सब जुरे सभासद आइ॥253॥ भरतजी गुरु के चरणकमलों…

भरतजी का मन्दाकिनी स्नान, चित्रकूट में पहुँचना, भरतादि सबका परस्पर मिलाप, पिता का…

लखन राम सियँ सुनि सुर बानी। अति सुखु लहेउ न जाइ बखानी॥ इहाँ भरतु सब सहित सहाए। मंदाकिनीं पुनीत नहाए॥2॥…

श्री सीताजी का स्वप्न, श्री रामजी को कोल-किरातों द्वारा भरतजी के आगमन की सूचना,…

उहाँ रामु रजनी अवसेषा। जागे सीयँ सपन अस देखा॥ सहित समाज भरत जनु आए। नाथ बियोग ताप तन ताए॥2॥ उधर श्री रामचंद्रजी…

भरतजी चित्रकूट के मार्ग में

एहि बिधि भरत चले मग जाहीं। दसा देखि मुनि सिद्ध सिहाहीं॥ जबहि रामु कहि लेहिं उसासा। उमगत प्रेमु मनहुँ चहु पासा॥3॥…