रामायण, महाभारत, गीता, वेद तथा पुराण की कथाएं
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॥ श्री रामचरितमानस ॥

इस खंड में सम्पूर्ण रामचरित मानस का संकलन किया गया है। यदि आप प्रतिदिन इस खंड के एक – एक लेख को भी पढ़ते जाएंगे एवं साथ में इसके वीडियो को देखेंगे तो कुछ ही समय में आप सम्पूर्ण राम चरित मानस का पठान श्रवण कर लेंगे।

शरद ऋतु वर्णन

चौपाई : बरषा बिगत सरद रितु आई। लछमन देखहु परम सुहाई॥ फूलें कास सकल महि छाई। जनु बरषाँ कृत प्रगट बुढ़ाई॥1॥ हे…

वर्षा ऋतु वर्णन

दोहा : प्रथमहिं देवन्ह गिरि गुहा राखेउ रुचिर बनाइ। राम कृपानिधि कछु दिन बास करहिंगे आइ॥12॥ देवताओं ने पहले…

तारा को श्री रामजी द्वारा उपदेश और सुग्रीव का राज्याभिषेक तथा अंगद को युवराज पद

तारा बिकल देखि रघुराया। दीन्ह ग्यान हरि लीन्ही माया॥ छिति जल पावक गगन समीरा। पंच रचित अति अधम सरीरा॥2॥ बतारा…

सुग्रीव का वैराग्य

कह सुग्रीव सुनहु रघुबीरा। बालि महाबल अति रनधीरा॥ दुंदुभि अस्थि ताल देखराए। बिनु प्रयास रघुनाथ ढहाए॥6॥ सुग्रीव…

सुग्रीव का दुःख सुनाना, बालि वध की प्रतिज्ञा, श्री रामजी का मित्र लक्षण वर्णन

दोहा : तब हनुमंत उभय दिसि की सब कथा सुनाइ। पावक साखी देइ करि जोरी प्रीति दृढ़ाइ॥4॥ तब हनुमान्‌जी ने दोनों ओर…

मंगलाचरण

श्लोक : कुन्देन्दीवरसुन्दरावतिबलौ विज्ञानधामावुभौ शोभाढ्यौ वरधन्विनौ श्रुतिनुतौ गोविप्रवृन्दप्रियौ।…

नारद-राम संवाद

बिरहवंत भगवंतहि देखी। नारद मन भा सोच बिसेषी॥ मोर साप करि अंगीकारा। सहत राम नाना दुख भारा॥3॥ भगवान्‌ को…

मारीच प्रसंग और स्वर्णमृग रूप में मारीच का मारा जाना, सीताजी द्वारा लक्ष्मण को…

दोहा : करि पूजा मारीच तब सादर पूछी बात। कवन हेतु मन ब्यग्र अति अकसर आयहु तात॥24॥ तब मारीच ने उसकी पूजा करके…

राम का दंडकवन प्रवेश, जटायु मिलन, पंचवटी निवास और श्री राम-लक्ष्मण संवाद

है प्रभु परम मनोहर ठाऊँ। पावन पंचबटी तेहि नाऊँ॥ दंडक बन पुनीत प्रभु करहू। उग्र साप मुनिबर कर हरहू॥8॥ हे प्रभो!…

राक्षस वध की प्रतिज्ञा करना, सुतीक्ष्णजी का प्रेम, अगस्त्य मिलन, अगस्त्य संवाद

दोहा : निसिचर हीन करउँ महि भुज उठाइ पन कीन्ह। सकल मुनिन्ह के आश्रमन्हि जाइ जाइ सुख दीन्ह॥9॥ श्री रामजी ने…