रामायण, महाभारत, गीता, वेद तथा पुराण की कथाएं
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॥ श्री रामचरितमानस ॥

इस खंड में सम्पूर्ण रामचरित मानस का संकलन किया गया है। यदि आप प्रतिदिन इस खंड के एक – एक लेख को भी पढ़ते जाएंगे एवं साथ में इसके वीडियो को देखेंगे तो कुछ ही समय में आप सम्पूर्ण राम चरित मानस का पठान श्रवण कर लेंगे।

इंद्र-बृहस्पति संवाद

देखि प्रभाउ सुरेसहि सोचू। जगु भल भलेहि पोच कहुँ पोचू॥ गुर सन कहेउ करिअ प्रभु सोई। रामहि भरतहि भेंट न होई॥4॥…

निषाद की शंका और सावधानी

चौपाई : सई तीर बसि चले बिहाने। सृंगबेरपुर सब निअराने॥ समाचार सब सुने निषादा। हृदयँ बिचार करइ सबिषादा॥1॥ रात…

श्री राम-वाल्मीकि संवाद

देखत बन सर सैल सुहाए। बालमीकि आश्रम प्रभु आए॥ राम दीख मुनि बासु सुहावन। सुंदर गिरि काननु जलु पावन॥3॥ सुंदर वन,…

तापस प्रकरण

तेहि अवसर एक तापसु आवा। तेजपुंज लघुबयस सुहावा॥ कबि अलखित गति बेषु बिरागी। मन क्रम बचन राम अनुरागी॥4॥ उसी अवसर…

लक्ष्मण-निषाद संवाद, श्री राम-सीता से सुमन्त्र का संवाद, सुमंत्र का लौटना

बोले लखन मधुर मृदु बानी। ग्यान बिराग भगति रस सानी॥ काहु न कोउ सुख दुख कर दाता। निज कृत करम भोग सबु भ्राता॥2॥ तब…