उत्तरकाण्ड में राज्याभिषेक से काकभुशुण्डि तक के घटनाक्रम आते हैं। उत्तर काण्ड में 4 श्लोक, 126 दोहा, 5 सोरठा, 14 छंद एवं 125 चौपाई हैं ।
नीचे उत्तरकाण्ड से जुड़े घटनाक्रमों की विषय सूची दी गई है।
- मंगलाचरण
- भरत विरह तथा भरत-हनुमान मिलन, अयोध्या में आनंद
- श्री रामजी का स्वागत, भरत मिलाप, सबका मिलनानन्द
- राम राज्याभिषेक, वेदस्तुति, शिवस्तुति
- वानरों की और निषाद की विदाई
- रामराज्य का वर्णन
- पुत्रोत्पति, अयोध्याजी की रमणीयता, सनकादिका आगमन और संवाद
- हनुमान्जी के द्वारा भरतजी का प्रश्न और श्री रामजी का उपदेश
- श्री रामजी का प्रजा को उपदेश (श्री रामगीता), पुरवासियों की कृतज्ञता
- श्री राम-वशिष्ठ संवाद, श्री रामजी का भाइयों सहित अमराई में जाना
- नारदजी का आना और स्तुति करके ब्रह्मलोक को लौट जाना
- शिव-पार्वती संवाद, गरुड़ मोह, गरुड़जी का काकभुशुण्डि से रामकथा और राम महिमा सुनना
- काकभुशुण्डि का अपनी पूर्व जन्म कथा और कलि महिमा कहना
- गुरुजी का अपमान एवं शिवजी के शाप की बात सुनना
- रुद्राष्टक
- गुरुजी का शिवजी से अपराध क्षमापन, शापानुग्रह और काकभुशुण्डि की आगे की कथा
- काकभुशुण्डिजी का लोमशजी के पास जाना और शाप तथा अनुग्रह पाना
- ज्ञान-भक्ति-निरुपण, ज्ञान-दीपक और भक्ति की महान् महिमा
- गरुड़जी के सात प्रश्न तथा काकभुशुण्डि के उत्तर
- भजन महिमा
- रामायण माहात्म्य, तुलसी विनय और फलस्तुति
- रामायणजी की आरती
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