घर में पौधे लगाना केवल सजावट का तरीका नहीं है। हरियाली घर को प्राकृतिक, जीवंत और अधिक सुखद बना सकती है। लेकिन पौधे चुनते समय केवल सुंदरता नहीं, बल्कि उनकी धूप, हवा, नमी, गमले के आकार और देखभाल की जरूरतों को भी समझना आवश्यक है।
वास्तु शास्त्र में पौधों की दिशा और स्थान को लेकर कई मान्यताएं हैं। यदि आप वास्तु के अनुसार पौधे रखना चाहते हैं तो पारंपरिक दिशा के साथ पौधे की वास्तविक जैविक आवश्यकता को भी ध्यान में रखें।
पौधों के लिए दिशा क्यों महत्वपूर्ण मानी जाती है?
वास्तु में अलग-अलग दिशाओं को विभिन्न तत्वों और गुणों से जोड़ा जाता है। इसलिए पूर्व, उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा को पौधों के लिए अनुकूल बताने वाली कई लोकप्रिय मान्यताएं मिलती हैं।
हालांकि हर पौधे के लिए एक ही दिशा उपयुक्त नहीं होती।
सबसे पहले धूप देखें
पौधा रखने का पहला व्यावहारिक नियम उसकी रोशनी की जरूरत समझना है। कुछ पौधों को सीधी धूप चाहिए, जबकि कुछ को केवल हल्की या अप्रत्यक्ष रोशनी पसंद होती है।
इसलिए केवल वास्तु दिशा देखकर पौधे को अंधेरे स्थान पर रखना उचित नहीं है।
बालकनी में पौधे
बालकनी में पौधे रखते समय हवा, धूप और जल निकासी का ध्यान रखें।
भारी गमलों को रेलिंग पर रखने से पहले उसकी संरचनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित करें। तेज हवा वाले स्थानों पर गमलों को स्थिर रखें।
शयनकक्ष में पौधे
शयनकक्ष में पौधे रखे जा सकते हैं, लेकिन बहुत अधिक गमले रखने की आवश्यकता नहीं है।
ऐसे पौधे चुनें जिनकी देखभाल आसान हो और जो कमरे की चलने की जगह को बाधित न करें।
रसोई में पौधे
रसोई में तुलसी, पुदीना और अन्य उपयोगी पौधे रखे जा सकते हैं। लेकिन उन्हें गैस चूल्हे की गर्मी, धुएं और चिकनाई से दूर रखें।
चूल्हे के बहुत पास पौधा रखना अग्नि-सुरक्षा की दृष्टि से भी उचित नहीं है।
उत्तर-पूर्व दिशा
वास्तु की मान्यता में ईशान कोण को हल्का और स्वच्छ रखने की बात कही जाती है। यहां छोटे और स्वस्थ पौधे रखे जा सकते हैं।
बहुत बड़े गमले या भारी प्लांटर रखने से बचना बेहतर है।
सूखे पौधों का क्या करें?
सूखा पौधा तुरंत किसी नकारात्मक संकेत का प्रमाण नहीं है। पहले यह देखें कि उसे पर्याप्त पानी, रोशनी और सही मिट्टी मिल रही थी या नहीं।
कीट, मौसम और अधिक या कम पानी भी पौधे के सूखने के कारण हो सकते हैं।
पानी और जल निकासी
घर के पौधों में अधिक पानी देना एक सामान्य गलती है। गमले में जल निकासी के लिए छेद होने चाहिए और नीचे जमा पानी समय पर निकालना चाहिए।
इससे पौधे की जड़ें और घर का फर्श दोनों सुरक्षित रहते हैं।
निष्कर्ष
घर में पौधे लगाने से पहले दिशा के साथ धूप, हवा, पानी और जल निकासी को देखें।
वास्तु में पूर्व, उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशाओं को पौधों के लिए अनुकूल माना जाता है, लेकिन हर प्रजाति की जरूरत अलग होती है। स्वस्थ पौधा ही घर के वातावरण को बेहतर बना सकता है, इसलिए पौधे की वास्तविक देखभाल को किसी भी वास्तु नियम से ऊपर रखें।