श्री वाल्मीकि रामायण: सम्पूर्ण अयोध्याकाण्ड
अयोध्याकाण्ड वाल्मीकि द्वारा रचित प्रसिद्ध हिन्दू ग्रंथ ‘रामायण‘ और गोस्वामी तुलसीदास कृत ‘श्रीरामचरितमानस‘ का एक भाग (काण्ड या सोपान) है। अयोध्याकाण्ड सर्ग तथा श्लोक […]
अयोध्याकाण्ड वाल्मीकि द्वारा रचित प्रसिद्ध हिन्दू ग्रंथ ‘रामायण‘ और गोस्वामी तुलसीदास कृत ‘श्रीरामचरितमानस‘ का एक भाग (काण्ड या सोपान) है। अयोध्याकाण्ड सर्ग तथा श्लोक […]
बालकाण्ड वाल्मीकि द्वारा रचित प्रसिद्ध हिन्दू ग्रंथ ‘रामायण‘ और गोस्वामी तुलसीदास कृत ‘श्रीरामचरितमानस‘ का एक भाग (काण्ड या सोपान) है। बालकाण्ड सर्ग तथा श्लोक
सर्ग 1: नारदजी का वाल्मीकि मुनि को संक्षेप से श्री राम-चरित्र सुनाना सर्ग 2: रामायण काव्य का उपक्रम, तमसा के
‘रामायण’ लगभग चौबीस हज़ार श्लोकों का एक अनुपम महाकाव्य है, जिसके माध्यम से रघु वंश के राजा राम की गाथा
भारत में कई ऐसे मंदिर हैं, जहां हमेशा दर्शन करने वालों का तांता लगा रहता है। इन्हीं मंदिरों में शुमार
हे भारत के राम जगो, मैं तुम्हे जगाने आया हूँ, सौ धर्मों का धर्म एक, बलिदान बताने आया हूँ ।
हर हिन्दू परिवार में रामचरित मानस की एक प्रति जरूर रहती है । हम बचपन से ही रामायण एवं राम चरित मानस का पथ करते आएं हैं । यहाँ रामचरितमानस में कुछ रोचक तथ्यों को संगृहीत किया गया है ।
आरती श्रीरामायणजी की। कीरति कलित ललित सिय पी की।। गावत ब्रह्मादिक मुनि नारद। बालमीक बिग्यान बिसारद।। सुक सनकादि सेष अरु
पूँछिहु राम कथा अति पावनि। सुक सनकादि संभु मन भावनि॥ सत संगति दुर्लभ संसारा। निमिष दंड भरि एकउ बारा॥3॥ जो
चौपाई : रघुपति भगति सजीवन मूरी। अनूपान श्रद्धा मति पूरी॥ एहि बिधि भलेहिं सो रोग नसाहीं। नाहिं त जतन कोटि