Author name: Katha

श्री रामजी का प्रजा को उपदेश (श्री रामगीता), पुरवासियों की कृतज्ञता
॥ श्री रामचरितमानस ॥

श्री रामजी का प्रजा को उपदेश (श्री रामगीता), पुरवासियों की कृतज्ञता

चौपाई : एक बार रघुनाथ बोलाए। गुर द्विज पुरबासी सब आए॥ बैठे गुर मुनि अरु द्विज सज्जन। बोले बचन भगत […]

हनुमान्‌जी के द्वारा भरतजी का प्रश्न और श्री रामजी का उपदेश
॥ श्री रामचरितमानस ॥

हनुमान्‌जी के द्वारा भरतजी का प्रश्न और श्री रामजी का उपदेश

सुनी चहहिं प्रभु मुख कै बानी। जो सुनि होइ सकल भ्रम हानी॥ अंतरजामी प्रभु सभ जाना। बूझत कहहु काह हनुमाना॥2॥

पुत्रोत्पति, अयोध्याजी की रमणीयता, सनकादिका आगमन और संवाद
॥ श्री रामचरितमानस ॥

पुत्रोत्पति, अयोध्याजी की रमणीयता, सनकादिका आगमन और संवाद

दोहा : ग्यान गिरा गोतीत अज माया मन गुन पार। सोइ सच्चिदानंद घन कर नर चरित उदार॥25॥ जो (बौद्धिक) ज्ञान,

राम राज्याभिषेक, वेदस्तुति, शिवस्तुति
॥ श्री रामचरितमानस ॥

राम राज्याभिषेक, वेदस्तुति, शिवस्तुति

चौपाई : अवधपुरी अति रुचिर बनाई। देवन्ह सुमन बृष्टि झरि लाई॥ राम कहा सेवकन्ह बुलाई। प्रथम सखन्ह अन्हवावहु जाई॥1॥ अवधपुरी

श्री रामजी का स्वागत, भरत मिलाप, सबका मिलनानन्द
॥ श्री रामचरितमानस ॥

श्री रामजी का स्वागत, भरत मिलाप, सबका मिलनानन्द

दोहा : आवत देखि लोग सब कृपासिंधु भगवान। नगर निकट प्रभु प्रेरेउ उतरेउ भूमि बिमान॥4 क॥ कृपा सागर भगवान्‌ श्री

मंगलाचरण
॥ श्री रामचरितमानस ॥

मंगलाचरण

सप्तम सोपान श्लोक : केकीकण्ठाभनीलं सुरवरविलसद्विप्रपादाब्जचिह्नं शोभाढ्यं पीतवस्त्रं सरसिजनयनं सर्वदा सुप्रसन्नम्‌। पाणौ नाराचचापं कपिनिकरयुतं बन्धुना सेव्यमानं। नौमीड्यं जानकीशं रघुवरमनिशं पुष्पकारूढरामम्‌॥1।

पुष्पक विमान पर चढ़कर श्री सीता-रामजी का अवध के लिए प्रस्थान, श्री रामचरित्र की महिमा
॥ श्री रामचरितमानस ॥

पुष्पक विमान पर चढ़कर श्री सीता-रामजी का अवध के लिए प्रस्थान, श्री रामचरित्र की महिमा

दोहा : प्रभु प्रेरित कपि भालु सब राम रूप उर राखि। हरष बिषाद सहित चले बिनय बिबिध बिधि भाषि॥118 क॥

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